चार साल पहले अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव में डोनल्ड ट्रम्प की जीत ने सर्वेक्षणों की विश्वसनीयता पर अभूतपूर्व ढंग से सवालिया निशान लगा दिया था। क्या इस बार सर्वेक्षणों पर भरोसा किया जा सकता है?
सर्वेक्षण क्या कहते हैं?
अमरीका में तीन नवम्बर के चुनाव में सोलह दिन का समय बचा है और हालिया सर्वेक्षणों के नतीजों का औसत यह कहता है कि डेमोक्रेट्स के उम्मीदवार जो बाइडन, राष्ट्रीय स्तर पर डोनल्ड ट्रम्प से 9 प्रतिशत वोटों से आगे हैं लेकिन अहम बात यह है कि अमरीका में उम्मीदवार सिर्फ़ जनता के सीधे वोटों से वाइट हाउस नहीं पहुंचते बल्कि इलेक्टोरल काॅलेज विजयी उम्मीदवार का निर्धारण करता है। 2016 के चुनाव में जनता के वोटों के स्तर पर तो ट्रम्प डेमोक्रेट प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन से हार गए थे लेकिन वे आवश्यक राज्यों में इलेक्टोरल वोट हासिल करके चुनाव जीत गए थे और वाइट हाउस पहुंच गए थे। इस साल के चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवार के संबंध में 6 राज्यों की बुनियादी भूमिका है। वे राज्य फ़्लोरिडा, उत्तरी केरोलिना, एरिज़ोना, विस्काॅन्सिन, पेन्सिलवानिया और मिशिगन हैं। अगर सर्वेक्षणों पर विश्वास किया जाए तो बाइडन इन सभी 6 राज्यों में भी ट्रम्प से आगे हैं। अलबत्ता कुछ राज्यों में वे बहुत कम प्रतिशत से आगे हैं जैसे फ़्लोरिडा में वे ट्रम्प से केवल 1.7 प्रतिशत वोटों से आगे हैं लेकिन मिशिगन में यही प्रतिशत 7.2 है।
2016 की ग़लतियां किन क्षेत्रों में हुई थीं?
सन 2016 में चुनाव से पहली वाली शाम सर्वेक्षणों में एक दम सही बताया गया था कि राष्ट्रीय स्तर पर हिलेरी क्लिंटन जनता के वोटों के मैदान में आगे हैं लेकिन सर्वेक्षणों में अमरीका के कुछ अस्थिर पश्चिमी राज्यों के संबंध में ग़लती हुई थी जहां ट्रम्प को जीत हासिल हुई। इसकी वजह यह थी कि बहुत से श्वेत लोगों ने, जिन्होंने ट्रम्प को वोट दिया था, सर्वेक्षणों में भाग नहीं लिया था और इसी वजह से सर्वेक्षणों के नतीजे वास्तविक नतीजो से अलग आए। अलबत्ता इस बार सर्वेक्षण कराने वाली संस्थाओं और मीडिया गुटों का कहना है कि उन्होंने इस प्रकार की ग़लतियों का कारण बनने वाले मानकों को सुधार लिया है। इस बात की भी संभावना है कि अभी बहुत से लोगों ने यह फ़ैसला ही न किया हो कि वे किसे वोट देंगे, जिसके नतीजे में सर्वेक्षणों की विश्वसनीयता थोड़ी कम हो जाती है। सर्वेक्षण कराने वालों का कहना है कि चुनाव से लगभग दो हफ़्ते पहले बहुत कम लोग होंगे जिन्होंने अपने उम्मीदवार का फ़ैसला न कर लिया हो, इस लिए इस बार के सर्वेक्षण, चार साल पहले के सर्वेक्षणों की तरह नहीं हैं और लगभग वही नतीजा बता रहे हैं जो मतदान के बाद सामने आएगा।
लेकिन, मगर ...?
न्यूयाॅर्क टाइम्स का कहना है कि अगर सभी राज्यों में कराए गए सर्वेक्षणों में चार साल पहले जैसी ही ग़लती हो तब भी बाइडन ही जीतेंगे। इस समाचारपत्र के विश्लेषक नीट कोहेन का कहना है कि पेन्सिलवानिया व नेवाडा जैसे पारंपरिक राज्यों में जीत के लिए बाइडन के मुक़ाबले में ट्रम्प का चांस कम है और टेक्सास में भी हमारे मानकों के हिसाब से बाइडन की जीत पक्की है। इस राज्य में 400 इलेक्टोरल वोट हैं। इसके बाद कोई शक बाक़ी नहीं रहता। इसके अलावा इस बार के पोस्टल वोट, चुनाव के परिणामों में ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगे। बहरहाल अब अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान में बहुत ज़्यादा समय नहीं बचा है और जल्द ही पता चल जाएगा कि इस बार के चुनावी सर्वेक्षणों ने किस हद तक ज़मीनी सच्चाई को प्रतिबिंबित किया है।